"वेबसाइट सर्टिफिकेशन अथॉरिटी Lets Encrypt" के मुताबिक अगले साल से पुराने एंड्रॉयड स्मार्टफोन में HTTPS वाली वेबसाइट या तो खुलनी बंद हो जाएगी या तो पूरा कंटेंट लोड नहीं हो पाएगा। लेकिन ऐसा क्यों होगा ?जानने के लिए इस लेख को अंत तक जरूर पढें।
Android polic की रिपोर्ट के मुताबिक android 7.1.1Nought से पुराने वर्जन पर चलने वाले एंड्रॉयड स्मार्टफोन में सिक्योर वेब साइट नहीं खुल पाएगी जिसमें ब्राउजिंग करने में प्रॉब्लम होगी। वेबसाइट लोड नहीं होंगे और error भी मिल सकता है।
जैसे जैसे एंड्रॉयड स्मार्टफोन पुराने होते जाते हैं। धीरे-धीरे इसमें सपोर्ट मिलने बंद होते जाते हैं। यदि फोन काफी पुराना हो जाता है तो इसमें जरूरी चीजें काम करना बंद कर देते हैं। Old Android Smartphones News
अपने ऑफिशियल वेबसाइट में कंपनी ने कहा है कि अगर कोई पुराने वजन का एंड्राइड यूज कर रहा तो वह अपने फोन में फायरफॉक्स ब्राउजर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस ब्राउज़र में एंड्रॉयड और इससे ऊपर के वर्जन का सपोर्ट दिया गया है।
क्या है Lets Encrypt सर्टिफिकेशन अथॉरिटी?
Lets Encrypt सर्टिफिकेशन अथॉरिटी एक इंटरनेट सिक्योरिटी रिसर्च ग्रुप यानी ISRG के अंतर्गत काम करती है। ISRG वेबसाइट को ट्रांसपेरेंट लेयर सिक्योरिटी इंक्रिप्शन यानी TLS प्रोवाइड करती है ।दुनिया भर में 225 मिलियन वेबसाइट लेट्स इंक्रिप्ट का सर्टिफिकेशन यूज करती है।
ब्रॉउजिंग के बंद होने की वजह
चूंकि Lets Encrypt फ्री सर्टिफिकेशन देती है। 30% वेब डोमेन इसे यूज करते हैं। इस कंपनी का Iden Trust के साथ जो करार किया गया था वह 1 सितंबर 2020 को खत्म होने जा रहा है। साथ ही इस पार्टनरशिप को रिन्यू करने का फिलहाल कोई प्लान नहीं है। इसके बाद से Lets Encrypt सर्टिफिकेशन कि बिना जो भी ब्राउज़र और ऑपरेटिंग सिस्टम होंगे वह साइड के साथ काम नहीं करेंगे और आपके पुराने एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर सिक्योर वेबसाइट को सर्च करने पर सर्टिफिकेशन error का मैसेज मिलेगा।
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वर्ष 2016 से सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हुआ जारी
Lets Encrpyt 30 फीसदी वेब डोमेन को सर्टिफिकेशन जारी करता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया भर में करीब 66.2 फिसदी एंड्राइड डिवाइस करीब पुराने एंड्राइड वर्जन 7.1 और उसे अपडेट वर्जन के ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करते हैं जबकि 33.8 फीसदी एंड्रॉयड डिवाइस अभी भी 7.1 और इससे कम वजन वाले ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करते हैं। ऐसे में 33.8 फीसदी यूजर्स के लिए यह बुरी खबर है कि वे सितंबर 2021 के बाद सिक्योर वेबसाइट एक्सेस नहीं कर पाएंगे। Old Android Smartphones News
किन-किन स्मार्टफोन यूजर्स पर पड़ेगा प्रभाव
जो यूजर्स एंड्राइड 7.1Nought इससे पुराना वर्जन यूज कर रहे है सर्टिफिकेशन अथॉरिटी ने कहा है कि कुछ सॉफ्टवेयर 2016 से अपडेट नहीं किए गए हैं जिसमें एंड्राइड 7.1 वर्जन भी शामिल है इस वर्जन के यूजर्स को सिक्योर वेबसाइट सर्च करने पर सर्टिफिकेशन error मिल सकता है।
किस ब्राउज़र का करें यूज ?
Lets Encrypt ने अपने एक ऑफिशियल ब्लॉक में कहा है कि अगर कोई पुराने वर्जन का एंड्राइड यूज कर रहा है तो वह अपने फोन में फायरफॉक्स ब्राउजर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इस ब्राउज़र्स में Android 5 और इससे ऊपर के वर्जन का सपोर्ट दिया गया है।
यदि आप भी 7.1.1 Nought या इससे पुराना एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूज कर रहे हैं तो आप इसे तुरंत अपग्रेड कर ले नहीं तो आप अगले वर्ष यानी 2021 से इसमें वेब ब्राउजिंग नहीं कर पाएंगे।





