हिंसा और आगजनी से जहां कानूनों को तोडा या वापस करने का आंदोलन किया जाता है तो वहीं एक महापुरुष ऐसे भी थे जिन्होंने अहिंसा को अपना हथियार बनाकर कानून को रद्द करवाया। दांडी की ऐतिहासिक पदयात्रा में बापू द्वारा अहिंसा को राजनीतिक हथियार बनाया गया जिस यात्रा से आज भी दुनिया प्रेरणा लेती है। और पढ़ें
प्रत्येक वर्ष 2 अक्टूबर को उनकी अहिंसा की नीति को प्रोत्साहित करने और विश्व में शांति का संदेश देने के लिए स्कूलों, कॉलेज, शिक्षण संस्थानों, सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थानों में यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है और इनको श्रद्धांजली अर्पित कर अहिंसा के संकल्प को आगे बढ़ाया जाता है। और पढ़ें