चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस से दुनिया अभी जूझ ही रही थी कि इसके साथ ही ब्राजील में एक नए वायरस की पुष्टि हो गई है। इस रहस्यमयी वायरस की खोज से वैज्ञानिक चकित हैं जिससे उन्होंने कहा कि इसमें ऐसे जीन मिले जो पहले किसी अन्य वायरस में नहीं देखे गए। ब्राजील के फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिनास गेरेस से जुड़े शोधकर्ताओं ने वेलो होरजेंट शहर की कृत्रिम झील में एकल कोशिका वाले जीव अमीबा से इस वायरस को ढूंढा। वैज्ञानिकों ने इस रहस्यमयी वायरस का नाम ब्राजील की पौराणिक जलपरी (मरमेड) यारा के नाम पर यारा-वायरस रखा गया है। शोधकर्ताओं ने बताया कि इसमें प्रोटीन सिंथेसिस करने की क्षमता है यह अपने डीएनए को रिपेयर कर लेता है और जिंदा रहते हुए इसे कई गुना तक कर लेता है।
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रिसर्च पेपर के मुताबिक इसे Amoebal वायरस के किसी भी कैटेगरी में नहीं रखा जा सकता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि 80 नेनोमीटर व्यास वाले इस विषाणु के जीनोम का विश्लेषण करने पर पाया गया कि इस सूक्ष्म जीव में कुल 74 जीन है जिनमें से केवल 6 ही पहले से ज्ञात हैं। यानी 90% से ज्यादा जीन अभी अज्ञात है। यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर जोनाटस अब्राहो के अनुसार, यारा वायरस आकार और जीन दोनों में सूक्ष्म है। यह विशालकाय विषाणु तो नहीं है लेकिन विशालकाय विषाणु की तरह अमीबा को संक्रमित करने में सक्षम है। फिलहाल यह मानव कोशिकाओं को संक्रमित तो नहीं करता और ना ही इस वायरस से अभी तक किसी भी तरह की बीमारी सामने आई है। हालांकि इस बात से तय है कि इस वायरस के मिलने से दशकों तक रिसर्च को दिशा मिलेगी।





