Winter Healthy Heart Attack Tips
हेल्थ

सर्दियों के मौसम में बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा | How to Keep your Heart Healthy in Winters

सर्दी के मौसम में दिल व श्वांस रोग के मरीजों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। अगर सीने में थोड़ा भी दर्द महसूस हो तो उसे नजरअंदाज न करें। तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। ऐसे वक्त में की गई जरा सी लापरवाही जान के लिए घातक बन सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर धूम्रपान करने वाले रोगियों को दिल की बीमारियों का सामना करना पड़ता है। सिगरेट, शराब आदि का सेवन बिल्कुल न करें। इससे रक्तवाहिनियां संकरी हो सकती हैं और हृदय तक सही रक्तसंचार नहीं हो पाता। ठंड इसमें और इजाफा कर देती है। इसलिए सर्दी से बचें।

ठंड में अक्सर दिल व हड्डियों से संबंधित बीमारियां बढ़ जाती हैं। उम्र दराज लोग इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं।

इस बार की सर्दी लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। एक तरफ सर्दी बढ़ रही है तो दूसरी तरफ कोरोनावायरस और प्रदूषण ने नाक में दम किया हुआ है। ठंड बढ़ती जा रही है और प्रदूषण के कण हर सांस के साथ शरीर के अंदर जा रहे है। ये सर्द मौसम कोरोनावायरस के लिए बेहद माकूल है। तेज सर्दी के साथ-साथ इस वायरस का तेजी से प्रसार हो रहा है। इस मौसम में सर्दी जुकान तेजी से फैल रहा है, यही कॉमन फ्लू और कोल्ड कोरोनावायरस के भी लक्षण है। इस मौसम में मौसमी बीमारी के साथ ही अतिरिक्त दो परेशानियां हमारे साथ-साथ चल रही हैं। इस मौसम में सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को है। सर्दी, कोरोना और प्रदूषण से बुजुर्ग और बीमार लोगों को अपनी देखभाल करने की खास जरूरत है। आइए जानते है कि इस ठंड में कैसे करे बीमारियों से बचाव।


मौसम के हिसाब से बदले लाइफस्टाइल


इस मौसम में सर्दी बढ़ रही है तो देर रात और तड़के सुबह घर से बाहर निकलना परेशानी का सबब बन सकता है। आप मौसम के हिसाब से अपना लाइफस्टाइल सेट करें। ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंक्स से करें परहेज। सर्दी बढ़ने पर गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें। बॉडी सिस्टम मौसम के हिसाब से जल्दी सेट नहीं होता। अभी सर्दी आ गई है लेकिन बॉडी पूरी तरह सर्दी के लिए तैयार नहीं है। आप गर्म कपड़े पहनें।


गले के इंफेक्शन का बढ़ सकता है खतरा


इस मौसम में सुबह और शाम तेज सर्दी होती है और दिन में धूप निकलने पर गर्मी का अहसास होता है। ऐसे मौसम में गले में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम में बुजुर्गों को सर्दी खांसी के साथ-साथ गले का इंफेक्शन भी बढ़ रहा है जो कोरोनावायरस की ओर ले जा सकता है। बुजुर्गों के लिए ये वायरस खतरनाक है, इसलिए उन्हें सर्दी से बचाएं। सुबह-सवेरे मॉर्निंग वॉक जाने से परहेज करें।


सर्दी में बढ़ता प्रदूषण परेशानी का सबब


सर्दी की शुरूआत होते ही स्मॉग का लेवल बढ़ रहा है, जिसकी वजह से सांस लेने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पॉल्यूशन के कण सांस के जरिए शरीर के अंदर पहुंच कर सांस लेने में दिक्कत पैदा कर रहे हैं। ये कण पूरे सिस्टम को प्रभावित कर रहे हैं जिससे ब्रोंकाइटिस की परेशानी हो सकती है। इसलिए चेहरे पर मास्क लगाएं और प्रदूषण से बचें।


इसे भी पढ़ें : सर्दियों में जमकर खाएं मूंगफली, यह हैं फायदे


अस्थमा के मरीज रखें ख्याल


सर्दी में सांस की नली सिकुड़ जाती है इसलिए मरीज तेज-तेज और आवाज के साथ सांस लेने की कोशिश करता है। इस मौसम में बुजुर्गों में चेस्ट इंफेक्शन और निमोनिया के चांस बढ़ जाते हैं, इसलिए बुजुर्गों को चाहिए कि रात को सोने से पहले स्टीम जरूर लें।


हार्ट अटैक के लक्षण

 

हार्ट अटैक होने का सबसे नॉर्मल सिम्पटम सीने में दर्द या बेचैनी है। देखा गया है कि महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों से बिल्कुल अलग होते हैं।

• सुबह उठते ही दर्द होना।

• नींद कम आना। भले ही कितनी थकावट हो, अच्छी नींद नहीं आती।

• पेट दर्द, पेट में ऐंठन, डाइजेशन में प्रॉब्लम।

• कान, गर्दन और कंधे का दर्द।

• सीढ़ी चढ़ने या रूटीन वर्क करने में सांस फूलती है।


इस सब तरीकों से सर्दी में रहेंगे फिट


सर्दी से बॉडी को बचाएं। गर्म कपड़े पहनें ताकि आप सर्दी से महफूज रहें। 

सर्द मौसम के हिसाब से खान-पान करें। ठंडी चीजों से परहेज करें।

एक्सरसाइज जरूर करें। चाहें कम ही करें लेकिन करें जरूर। 

रोजाना 7-8 घंटे की नींद जरूर लें।

दिन में 7-8 गिलास पानी जरूर पीएं। ठंडा पानी की जगह गर्म पानी का सेवन बेहतर रहेगा।

कोशिश करें कि धूप में ही घर से निकलें। सुबह की हवा आपको बीमार बना सकती है।

गर्म पानी से जरूर नहाएं।

विटामिन सी का भरपूर सेवन करें। 

अपनी डाइट में संतरे और आंवले का इस्तेमाल करें। सर्द मौसम में वाइट मीट फिश और अंडे का इस्तेमाल करें। कोशिश करें कि लहसुन, अदरक, तुलसी और शहद का इस्तेमाल करें।