श्री हरि कृष्ण प्रेमी जी जन्म 'मध्य प्रदेश' के गुना शहर में सन् 1908 हुआ था। मात्र 2 वर्ष की उम्र में ही इनकी माता जी का देहावसान हो गया मातृत्व की झलक या हमेशा अपने परिवार की सदस्यों में देखते इस कारण इनके ह्रदय में प्रेम भाव ,दया का भाव हमेशा दूसरे लोगों के लिए भी रहता। और पढ़ें
एक कहानी जो बयां करती है मरने से पहले किसी व्यक्ति के मन में चल रही उधेड़बुन को, वह कहां तक सोच सकता है किस प्रकार से उसके विचार उसके मन में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से बिजली की तरह कौंधते हुए भीतर ही भीतर उसे झकझोर कर रख देते हैं। और पढ़ें
सुपर हीरो की कहानियों व उनके मनोरंजन को हम बचपन से देखते-सुनते आ रहे हैं, जिनमें बैटमैन, सुपरमैन जैसे सुपरहीरो भी मौजूद रहे। लेकिन जब तक "स्पाइडर मैन" की बात ना हो तब तक सारे सुपर हीरो की कहानी अधूरी सी रह जाती है। और पढ़ें
आइए इस लेख के माध्यम से ऐसे ही विचारों के धनी, भारतीय मूल के लेखक तथा साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले रवीन्द्रनाथ टैगोर के बाद दूसरे भारतीय रचनाकार वीएस नायपॉल जी के बारे में खास बातें जानते हैं। और पढ़ें