FD के लिए बेस्ट बैंक कौन सा है, 1 साल और 3 साल की FD ब्याज दरों की तुलना चार्ट 2026
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FD (Fixed Deposit) के लिए बेस्ट बैंक कौन सा है? 1 साल और 3 साल की ब्याज दरों की तुलना

FD के लिए बेस्ट बैंक कौन सा है, यह सवाल आज हर उस इंसान के मन में है जिसके पास कुछ पैसा पड़ा है और जो शेयर बाज़ार की उठापटक से दूर रहना चाहता है. जवाब सुनने में जितना आसान लगता है, असल में उतना है नहीं. क्योंकि "बेस्ट" का मतलब सबके लिए एक जैसा नहीं होता.

देखिए, अगर सिर्फ ब्याज दर देखें तो तस्वीर बिल्कुल साफ है. जुलाई 2026 में small finance banks 8% से ऊपर तक ब्याज दे रहे हैं, जबकि देश के सबसे बड़े बैंक SBI की 1 साल की FD 6.25% पर रुकी हुई है. यानी लगभग दो प्रतिशत का फासला. पर यहाँ एक twist है, और वो twist ही असली फैसला तय करता है.

इस लेख में हम 1 साल और 3 साल, इन दो सबसे popular tenures पर सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक और small finance banks की दरों का पूरा चार्ट देखेंगे. साथ में वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाले extra interest की बात भी करेंगे, क्योंकि वहाँ सबसे ज़्यादा फायदा छुपा हुआ है और सबसे कम लोग उसका पूरा इस्तेमाल करते हैं.


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2026 में FD का माहौल कैसा है, पहले यह समझ लीजिए

FD की ब्याज दरें हवा में तय नहीं होतीं. उनके पीछे RBI का repo rate होता है, यानी वो दर जिस पर RBI बैंकों को पैसा उधार देता है.

जून 2026 की Monetary Policy Committee बैठक में RBI ने repo rate को 5.25% पर बरकरार रखा और neutral policy stance बनाए रखा. यह फैसला MPC ने सर्वसम्मति से लिया था, और साथ ही बढ़ती महंगाई के जोखिम और कमज़ोर growth outlook की चेतावनी भी दी थी.

इसका आपके लिए मतलब क्या है? सीधी सी बात है. 2025 में repo rate में लगातार कटौती हुई थी, जिसकी वजह से बैंकों ने FD की दरें घटा दी थीं. अब repo rate स्थिर है, तो FD की दरें भी लगभग एक जगह ठहर गई हैं. न तेज़ी से बढ़ रही हैं, न गिर रही हैं.

गौर करने वाली बात ये है कि जब दरें ठहरी हुई हों, तब lock-in की सोच बदल जाती है. अगर आपको लगता है कि आगे दरें और गिर सकती हैं, तो लंबी tenure पर आज की दर lock करना समझदारी हो सकती है. और अगर लगता है कि दरें बढ़ेंगी, तो छोटी tenure बेहतर रहती है ताकि maturity पर आप ऊँची दर पर दोबारा FD कर सकें.

सच कहूँ तो इसका कोई एक पक्का जवाब नहीं है. Experts भी इस पर एकमत नहीं हैं. इसीलिए बहुत से लोग बीच का रास्ता निकालते हैं, जिसे FD laddering कहते हैं. उस पर आगे बात करेंगे.

एक बात और जो शुरू में ही समझ लेनी चाहिए. FD की दरें बैंक कभी भी बदल सकते हैं, और आमतौर पर बिना पहले से नोटिस दिए. इसलिए नीचे दिया गया हर आँकड़ा जुलाई 2026 की स्थिति है, और FD book करने से पहले बैंक की official website से confirm करना ज़रूरी है.


सरकारी बैंक: SBI समेत PSU बैंकों की 1 साल और 3 साल की FD ब्याज दरें

सरकारी बैंकों की सबसे बड़ी ताकत भरोसा है. लोग यहाँ इसलिए पैसा रखते हैं क्योंकि रात को नींद अच्छी आती है, ब्याज कितना मिला यह दूसरी बात है.

SBI retail domestic deposits (3 करोड़ रुपये से कम) पर tenure के हिसाब से 3.05% से 6.45% तक ब्याज दे रहा है. SBI की सबसे ऊँची दर 6.45% है, जो 444 दिन की Amrit Vrishti स्कीम पर मिलती है. 1 साल की FD पर बैंक 6.25% देता है, 3 साल पर 6.30%, और 5 साल तथा 10 साल दोनों पर 6.05%.


सरकारी बैंक SBI, Bank of Baroda, Canara Bank और Bank of India की FD interest rate तुलना table


नीचे जुलाई 2026 की स्थिति के हिसाब से प्रमुख सरकारी बैंकों का चार्ट देखिए (3 करोड़ रुपये से कम की domestic FD, general public के लिए):

सरकारी बैंक1 साल की   FD3 साल की FD
State Bank of India (SBI)6.25%6.30%
Bank of Baroda6.25%6.25%
Canara Bank6.25%6.25%
Bank of India6.50%6.70%

चार्ट में एक बात तुरंत नज़र आती है. 1 साल की FD पर Bank of India और Indian Overseas Bank 6.50% के साथ इस category में सबसे आगे हैं, और 3 साल की tenure पर Bank of India 6.70% के साथ बढ़त बनाए हुए है.

मान लीजिए आपके पास 5 लाख रुपये हैं और आप 3 साल की FD करना चाहते हैं. SBI की 6.30% दर पर quarterly compounding मानें तो maturity पर करीब 6.03 लाख रुपये मिलेंगे, यानी लगभग 1.03 लाख का ब्याज. वहीं 6.70% पर वही रकम करीब 6.10 लाख हो जाती है. फर्क बहुत बड़ा नहीं लगता, पर 7,000 रुपये भी मुफ्त में नहीं आते.

सरकारी बैंकों की दरें आपस में इतनी मिलती-जुलती क्यों हैं, यह भी समझने लायक है. इनका deposit base पहले से बहुत बड़ा है, शाखाएँ हर कस्बे में हैं, और इन्हें ऊँची दर देकर नया पैसा खींचने की उतनी ज़रूरत नहीं पड़ती जितनी छोटे बैंकों को पड़ती है. इसीलिए जब भी इन्हें किसी खास period के लिए funds चाहिए होते हैं, तो ये पूरी rate table बढ़ाने के बजाय एक special scheme निकाल देते हैं, जैसे SBI की 444 दिन वाली Amrit Vrishti. यही वजह है कि सबसे अच्छी दर अक्सर उस tenure पर मिलती है जिसका नाम भी आपने पहले नहीं सुना होता.

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि ज़्यादातर सरकारी बैंकों की 1 साल और 3 साल की दरों में मुश्किल से 5 से 20 basis points का अंतर है. यानी सिर्फ tenure बढ़ाने से बहुत बड़ा फायदा नहीं मिल रहा. ऐसे में लंबी tenure चुनने का फैसला liquidity की ज़रूरत देखकर करना चाहिए, सिर्फ ब्याज देखकर नहीं.


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प्राइवेट बैंक: HDFC, Kotak और AU की FD दरें कहाँ खड़ी हैं

प्राइवेट बैंकों की कहानी थोड़ी अलग है. यहाँ service और digital experience बेहतर मिलता है, और कुछ tenures पर दरें भी सरकारी बैंकों से ऊपर निकल जाती हैं.

HDFC Bank की सबसे ऊँची FD दर 6.50% है, जो 3 साल 1 दिन से लेकर 4 साल 7 महीने से कम की tenure पर मिलती है. 1 साल की FD पर बैंक 6.25% देता है, 3 साल पर 6.45%, 5 साल पर 6.40% और 10 साल पर 6.15%.

Kotak Mahindra Bank की बात करें तो बैंक अपनी official website पर senior citizens के लिए 7.3% प्रति वर्ष तक की दर बताता है, और senior citizens को regular rates से 0.60% अतिरिक्त मिलने की जानकारी देता है. General public के लिए Kotak की सबसे ऊँची दर करीब 6.70% से 6.80% के आसपास रहती है, और यह चोटी आमतौर पर 15 महीने से 3 साल वाले bucket में बैठती है.

AU Small Finance Bank technically small finance bank है, पर बहुत से लोग इसे प्राइवेट बैंक की तरह ही देखते हैं. यहाँ अलग-अलग rate trackers के आँकड़ों में थोड़ा फर्क है, इसलिए ईमानदारी से बता देते हैं. एक source के मुताबिक AU Small Finance Bank general public को 7.10% तक और senior citizens को 7.60% तक दे रहा है, और बैंक ने अपनी दरें 12 जनवरी 2026 को revise की थीं. वहीं दूसरे tracker के मुताबिक यह range general public के लिए 3.50% से 7.40% और senior citizens के लिए 4.00% से 7.90% तक है.

जब sources में इस तरह का अंतर हो, तो सबसे सही तरीका एक ही है. बैंक की अपनी website का rate card खोलिए और उसी तारीख की दर देखिए जिस दिन आप FD book कर रहे हैं.

प्राइवेट / नई पीढ़ी के बैंक1 साल की FD3 साल की FD
HDFC Bank6.25%6.45%
Kotak Mahindra Bankrate card देखें, peak दर करीब 6.70% से 6.80%rate card देखें
AU Small Finance Bankबैंक की website से confirm करेंबैंक की website से confirm करें

एक observation जो ज़्यादातर comparison articles में नहीं मिलती. प्राइवेट बैंक अक्सर अपनी सबसे ऊँची दर किसी अजीब सी tenure पर रखते हैं, जैसे 3 साल 1 दिन या 444 दिन. यह जानबूझकर किया जाता है ताकि deposit उस bucket में आए जहाँ बैंक को funds चाहिए. तो FD book करते वक्त सिर्फ "1 साल" या "3 साल" मत टाइप कीजिए, पूरा rate card एक बार स्क्रॉल कर लीजिए. अक्सर 15 से 25 basis points वहीं पड़े मिल जाते हैं.\


Small Finance Banks: 8% से ऊपर ब्याज, पर एक शर्त के साथ

अब आते हैं उस category पर जहाँ सबसे ज़्यादा ब्याज मिल रहा है.

पहले यह समझ लीजिए कि small finance banks ऊँची दर देते क्यों हैं. ये बैंक RBI के license पर ही चलते हैं, पर इनका मकसद उन इलाकों और ग्राहकों तक पहुँचना है जहाँ बड़े बैंक कम सक्रिय हैं. इनके पास बड़े corporate accounts और सस्ते current account deposits का वो भंडार नहीं होता जो SBI या HDFC के पास है. लिहाज़ा इन्हें अपना loan business चलाने के लिए retail depositors से ही पैसा जुटाना पड़ता है, और उसके लिए ऊँची दर देनी पड़ती है. यानी ज़्यादा ब्याज कोई तोहफ़ा नहीं है, वो इनके business model का हिस्सा है.


small finance bank FD rates 2026, Suryoday और Utkarsh की 8.10% ब्याज दर का चार्ट


8 जुलाई 2026 की दरों के अनुसार Suryoday Small Finance Bank और Utkarsh Small Finance Bank general customers को 8.10% प्रति वर्ष की सबसे ऊँची FD दर दे रहे हैं. इनके बाद Shivalik Small Finance Bank, Equitas Small Finance Bank और Jana Small Finance Bank हैं, जो select tenures पर 8.00% तक दे रहे हैं.

1 साल और 3 साल की tenure पर तस्वीर कुछ ऐसी दिखती है:

Small Finance Bank1 साल की FD3 साल की FDसबसे ऊँची दर
Suryoday SFB7.25%7.25%8.10% (30 महीने)
Utkarsh SFB6.00%7.50%8.10% (666 दिन)
Jana SFB7.00%7.50%7.77% (3 से 5 साल)
Shivalik SFB6.00%6.75%7.80% (21 से 22 महीने)

Utkarsh Small Finance Bank 666 दिन की special FD tenure पर 8.10% की record दर दे रहा है, और बाकी tenures पर 1 साल के लिए 6.00%, 3 साल के लिए 7.50%, 5 साल के लिए 7.00% और 10 साल की लंबी FD पर 6.75% देता है.

अब असली सवाल पर आते हैं. क्या यह पैसा सुरक्षित है?

देखिए, small finance banks भी RBI के regulation में आते हैं और उनकी deposits पर भी DICGC का बीमा कवर लागू होता है. यह कवर प्रति बैंक, प्रति depositor 5 लाख रुपये तक का होता है, जिसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल हैं. यानी अगर आपने एक ही small finance bank में 12 लाख रुपये की FD की है, तो सबसे बुरी स्थिति में बीमा कवर सिर्फ 5 लाख तक ही काम करेगा.

ऊँची ब्याज दर returns को बेहतर ज़रूर बनाती है, पर निवेश से पहले बैंक की financial strength, deposit tenure, liquidity की ज़रूरत, premature withdrawal penalty और deposit insurance coverage जैसे factors भी देखने चाहिए.

हमारी राय में small finance banks को पूरी तरह नकारना भी गलत है और उनमें सारा पैसा डाल देना भी. एक practical तरीका यह है कि हर small finance bank में 5 लाख की सीमा के अंदर रहें, और बाकी रकम बड़े बैंकों में रखें. इससे ऊँचा ब्याज भी मिलता है और insurance cover भी पूरा बना रहता है.

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वरिष्ठ नागरिकों के लिए extra ब्याज: यहाँ सबसे ज़्यादा फायदा छुपा है

अगर घर में कोई 60 साल से ऊपर का सदस्य है, तो यह section सबसे ज़रूरी है.

लगभग हर बैंक senior citizens को regular दर से 0.50% अतिरिक्त ब्याज देता है. सुनने में यह छोटा लगता है, पर बड़ी रकम पर इसका असर साफ दिखता है.


वरिष्ठ नागरिकों के लिए senior citizen FD extra interest 0.50 प्रतिशत का infographic


जुलाई 2026 में senior citizens प्रमुख बैंकों से fixed deposits पर 7.25% तक कमा सकते हैं. इस तुलना में शामिल बड़े बैंकों में Axis Bank और Bank of Baroda select tenures या special schemes पर सबसे ऊँची 7.25% senior citizen FD दर दे रहे हैं. इनके बाद ICICI Bank और Punjab National Bank 7.10% पर हैं, State Bank of India 7.05% पर और HDFC Bank 7.00% पर.

बैंकsenior citizens के लिए सबसे ऊँची दर
Axis Bank7.25%
Bank of Baroda7.25%
ICICI Bank7.10%
Punjab National Bank7.10%
State Bank of India7.05%
HDFC Bank7.00%

SBI में senior citizens के लिए दो खास बातें हैं. बैंक ज़्यादातर tenures पर senior citizens को 50 basis points अतिरिक्त देता है, और SBI We-care स्कीम के तहत 5 से 10 साल की maturity वाली deposits पर senior citizens को 7.05% मिलता है. इसके अलावा SBI Patrons स्कीम के तहत 80 साल और उससे ऊपर के super senior citizens को 10 basis points अतिरिक्त मिलता है.

Small finance banks में senior citizens के लिए दरें और भी ऊँची हैं. Suryoday Small Finance Bank में senior citizens की FD दरें 4.20% से 8.25% तक हैं, और Jana Small Finance Bank में 3.50% से 8.30% तक.

अब एक असली उदाहरण से समझिए. मान लीजिए एक retired व्यक्ति 10 लाख रुपये की 3 साल की FD करना चाहते हैं. Regular दर 6.30% पर quarterly compounding के साथ maturity value करीब 12.06 लाख रुपये बनती है. वही FD अगर senior citizen दर 6.80% पर हो, तो maturity value करीब 12.24 लाख हो जाती है. यानी सिर्फ 0.50% के फर्क से करीब 18,000 रुपये ज़्यादा, बिना कोई extra जोखिम लिए.

यहाँ एक बात जो कोई नहीं बताता. अगर पति या पत्नी में से एक 60 पार कर चुके हैं और दूसरे नहीं, तो FD उस सदस्य के नाम से करना ज़्यादा फायदेमंद रहता है जो senior citizen है. Joint FD में आमतौर पर senior citizen दर तभी लागू होती है जब primary holder senior citizen हो. यह छोटी सी detail हर साल हज़ारों रुपये का फर्क डाल सकती है.

Tax के मोर्चे पर भी senior citizens को राहत है. बैंक FD ब्याज पर 10% की दर से TDS काटता है जब वित्तीय वर्ष में ब्याज 50,000 रुपये (general) या 1,00,000 रुपये (60 साल और उससे ऊपर के senior citizens) से ऊपर जाता है. PAN link न होने पर TDS 20% कट जाता है. यह threshold हर बैंक पर अलग से लागू होता है, सभी खातों को जोड़कर नहीं. Senior citizens Section 80TTB के तहत savings और FD ब्याज मिलाकर 50,000 रुपये तक की कटौती claim कर सकते हैं.

एक अहम बदलाव भी नोट कर लीजिए. 1 अप्रैल 2026 से Income Tax Act 2025 की Section 393(6) के तहत Form 121, Form 15G और Form 15H की जगह ले चुका है. तो अगर आपकी कुल आय टैक्स सीमा से नीचे है और आप TDS कटवाना नहीं चाहते, अब बैंक में नया form जमा करना होगा.


ब्याज तो मिल गया, पर टैक्स के बाद हाथ में कितना बचता है

यह वो हिस्सा है जिसे ज़्यादातर comparison articles छू कर निकल जाते हैं, और यही सबसे ज़्यादा फर्क डालता है.

FD का ब्याज पूरी तरह taxable होता है. यह आपकी income में "Income from Other Sources" के तहत जुड़ता है और आपके tax slab के हिसाब से टैक्स लगता है. TDS कटना और टैक्स लगना, दोनों अलग चीज़ें हैं. बैंक जो 10% काटता है वो सिर्फ advance payment है, अंतिम हिसाब ITR भरते समय होता है.

अब असली गणित देखिए. मान लीजिए किसी small finance bank में आपको 8.10% की दर मिल रही है, जो आज बाज़ार की सबसे ऊँची दर है. अगर आप 30% वाले slab में हैं, तो टैक्स के बाद आपके हाथ में करीब 5.67% आता है. 20% slab में यह करीब 6.48% बैठता है, और 5% slab वालों के लिए करीब 7.70%. यानी वही FD अलग-अलग लोगों के लिए बिल्कुल अलग return देती है, जबकि बैंक की rate table सबके लिए एक ही है.

अब इसे महंगाई के आईने में देखिए. RBI ने जून 2026 की policy में FY27 के लिए inflation का अनुमान बढ़ाकर 5.1% कर दिया था. अगर टैक्स के बाद आपका return 5.67% है और महंगाई 5.1% है, तो असली बढ़त बहुत पतली रह जाती है. यह FD को खराब नहीं बनाता, FD का काम पैसा सुरक्षित रखना और तय समय पर तय रकम देना है, न कि दौलत बनाना. पर उम्मीदें सही जगह पर रखना ज़रूरी है.

एक तकनीकी बात जो अक्सर परेशानी खड़ी करती है. Cumulative FD में ब्याज maturity पर मिलता है, पर टैक्स हर साल accrual basis पर लगता है. यानी पैसा हाथ में आए बिना भी उस साल की income में ब्याज जुड़ जाता है. जो लोग 3 या 5 साल की cumulative FD करके सोचते हैं कि टैक्स आखिर में एक बार देंगे, वो अक्सर notice मिलने पर हैरान होते हैं.

Senior citizens के लिए यहाँ थोड़ी राहत है. Section 80TTB के तहत savings account और FD का ब्याज मिलाकर 50,000 रुपये तक की कटौती मिलती है, जो 60 साल से कम उम्र वालों को नहीं मिलती.


FD के लिए बेस्ट बैंक कैसे चुनें, 5 practical बातें

अब तक के आँकड़े देखकर लगता है कि जवाब आसान है, जो सबसे ज़्यादा ब्याज दे वही बेस्ट. पर अनुभव कुछ और कहता है.

1. सिर्फ ब्याज दर मत देखिए. Experts सलाह देते हैं कि सिर्फ सबसे ऊँची ब्याज दर देखकर FD न चुनें. बैंक की financial strength, deposit insurance coverage, liquidity की ज़रूरत और investment tenure जैसे factors भी उतने ही अहम हैं.

2. Premature withdrawal की शर्तें पढ़िए. ज़रूरत पड़ने पर FD तोड़नी पड़ सकती है, और तब penalty लगती है. उदाहरण के लिए Kotak Mahindra Bank अपनी website पर बताता है कि 180 दिन तक की FD पर कोई penalty नहीं है, 180 से 364 दिन पर 0.50% और 365 दिन या उससे ऊपर की FD पर 1.00% penalty लगती है. हर बैंक की शर्तें अलग होती हैं, इसलिए book करने से पहले यह हिस्सा ज़रूर पढ़ें.

3. DICGC की 5 लाख की सीमा को ध्यान में रखें. एक ही बैंक में सारा पैसा रखने के बजाय दो या तीन बैंकों में बाँटना ज़्यादा समझदारी है, खासकर तब जब रकम बड़ी हो.

4. FD laddering आज़माइए. पूरा पैसा एक ही tenure में डालने के बजाय उसे टुकड़ों में बाँटिए, जैसे कुछ हिस्सा 1 साल, कुछ 2 साल, कुछ 3 साल के लिए. इससे हर साल कुछ रकम maturity पर मिलती रहती है, liquidity बनी रहती है, और आप उस समय की सबसे अच्छी दर पर दोबारा FD कर सकते हैं. जब दरें स्थिर हों, यह तरीका खास तौर पर काम आता है.

5. TDS की योजना पहले से बना लीजिए. चूँकि threshold हर बैंक पर अलग लागू होता है, बड़ी रकम को दो बैंकों में बाँटने से TDS की परेशानी कम हो सकती है. यह टैक्स से बचना नहीं है, ब्याज पर टैक्स तब भी slab के हिसाब से देना होता है. यह सिर्फ paperwork और refund के चक्कर से बचने का तरीका है.

6. Payout option सोच समझकर चुनिए. बैंक दो तरह की FD देते हैं. Cumulative FD में ब्याज जुड़ता रहता है और पूरी रकम maturity पर मिलती है, जिससे compounding का पूरा फायदा मिलता है. Non-cumulative या payout FD में ब्याज हर महीने, तिमाही या साल में आपके खाते में आ जाता है. Retired लोगों के लिए monthly payout वाला विकल्प घर खर्च चलाने में बहुत काम आता है, भले ही उसमें effective return थोड़ा कम बैठता हो. वहीं salaried लोगों के लिए, जिन्हें बीच में पैसे की ज़रूरत नहीं, cumulative option ज़्यादा फायदेमंद रहता है. एक ही बैंक, एक ही दर, पर सही option चुनने से आपकी cash flow की पूरी तस्वीर बदल जाती है.

तो FD के लिए बेस्ट बैंक कौन सा है? अगर सुरक्षा और भरोसा सबसे ऊपर है, तो बड़े सरकारी बैंक आगे रहेंगे. अगर हर आधा प्रतिशत मायने रखता है और रकम 5 लाख की insurance सीमा के अंदर है, तो small finance banks की दरें साफ तौर पर बेहतर हैं. और अगर घर में senior citizen हैं, तो उनके नाम पर FD करना सबसे आसान और भरोसेमंद बढ़त है जो बिना किसी extra जोखिम के मिलती है.


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)


Q1. जुलाई 2026 में FD पर सबसे ज़्यादा ब्याज कौन सा बैंक दे रहा है?

Small finance banks सबसे आगे हैं. 8 जुलाई 2026 की दरों के अनुसार Suryoday Small Finance Bank और Utkarsh Small Finance Bank general customers को 8.10% तक दे रहे हैं. बड़े सरकारी बैंकों की सबसे ऊँची दरें आमतौर पर 6.45% से 6.75% के बीच रहती हैं. दरें कभी भी बदल सकती हैं, इसलिए book करने से पहले बैंक की website देख लें.


Q2. SBI की 1 साल और 3 साल की FD पर कितना ब्याज मिलता है?

SBI 1 साल की FD पर 6.25% और 3 साल की FD पर 6.30% दे रहा है (3 करोड़ से कम की domestic deposits, जुलाई 2026). बैंक की सबसे ऊँची दर 6.45% है जो 444 दिन की Amrit Vrishti स्कीम पर मिलती है. Senior citizens को इन दरों पर ज़्यादातर tenures में 0.50% अतिरिक्त मिलता है.


Q3. वरिष्ठ नागरिकों को FD पर कितना extra ब्याज मिलता है?

ज़्यादातर बैंक senior citizens को 0.50% अतिरिक्त देते हैं. कुछ बैंकों में यह बढ़त इससे ज़्यादा भी हो सकती है, जैसे Kotak अपनी website पर senior citizens के लिए 0.60% तक extra बताता है. SBI Patrons स्कीम के तहत 80 साल से ऊपर के super senior citizens को 10 basis points और मिलते हैं.


Q4. क्या small finance bank की FD सुरक्षित है?

Small finance banks RBI द्वारा regulated हैं और उनकी deposits पर भी DICGC का बीमा लागू होता है, जो प्रति बैंक प्रति depositor 5 लाख रुपये तक (मूलधन और ब्याज मिलाकर) कवर करता है. इसलिए एक ही small finance bank में 5 लाख से ज़्यादा रखने पर बाकी रकम insurance के दायरे से बाहर रहती है. यह हर निवेशक की risk capacity पर निर्भर करता है.


Q5. 1 साल की FD बेहतर है या 3 साल की?

यह आपकी ज़रूरत पर निर्भर करता है. जुलाई 2026 में ज़्यादातर बड़े बैंकों में 1 साल और 3 साल की दरों का अंतर बहुत कम है, कहीं 5 तो कहीं 20 basis points. अगर पैसे की ज़रूरत जल्दी पड़ सकती है तो छोटी tenure बेहतर है. अगर आज की दर लंबे समय के लिए lock करनी है तो 3 साल ठीक रहता है.


Q6. FD के ब्याज पर TDS कब कटता है?

बैंक 10% की दर से TDS काटता है जब एक वित्तीय वर्ष में उस बैंक से मिलने वाला ब्याज 50,000 रुपये से ऊपर जाए. Senior citizens के लिए यह सीमा 1,00,000 रुपये है. PAN न देने पर TDS 20% कट जाता है. TDS कटना अंतिम टैक्स नहीं है, ITR भरते समय हिसाब बराबर हो जाता है.


Q7. 5 लाख रुपये की 1 साल की FD पर कितना ब्याज मिलेगा?

6.25% की दर पर quarterly compounding मानें तो 5 लाख की 1 साल की FD पर करीब 32,000 रुपये ब्याज बनता है. वहीं 7.25% की दर पर वही FD करीब 37,250 रुपये देती है, यानी लगभग 5,250 रुपये का फर्क. सटीक आँकड़ा compounding frequency और बैंक की गणना पर निर्भर करता है.


Q8. क्या FD की ब्याज दर बीच में बदल सकती है?

नहीं. एक बार FD book हो जाने के बाद उसकी दर पूरी tenure तक वही रहती है, चाहे बाज़ार में दरें घटें या बढ़ें. यही FD की सबसे बड़ी खूबी है. हाँ, renewal के समय नई दर लागू होती है, इसलिए auto-renewal चालू है तो maturity पर एक बार दर ज़रूर देख लें.


निष्कर्ष

FD के लिए बेस्ट बैंक चुनने का कोई एक formula नहीं है, पर एक अच्छा process ज़रूर है.

पहले तय कीजिए कि पैसा कितने समय के लिए बाँधना है. फिर उस tenure पर तीनों categories, सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक और small finance banks की दरें एक साथ देखिए, न कि सिर्फ अपने मौजूदा बैंक की. अगर घर में कोई 60 साल से ऊपर का है तो FD उनके नाम पर करने की संभावना ज़रूर तौलिए. और बड़ी रकम हो तो उसे एक जगह रखने के बजाय दो या तीन बैंकों में बाँटिए, ताकि DICGC कवर और TDS threshold दोनों का पूरा फायदा मिले.

आज की तारीख में सिर्फ tenure और बैंक बदलकर 1% से 1.5% तक ज़्यादा ब्याज मिल सकता है. 10 लाख की FD पर तीन साल में यह कई हज़ार रुपये का फर्क बनता है, और इसके लिए कोई extra जोखिम नहीं उठाना पड़ता. बस दो घंटे की तुलना करनी पड़ती है.

💰 Disclaimer: यह लेख general जानकारी के लिए है. interest rates, charges, schemes और policies समय के साथ बदलती रहती हैं. यह लेख investment advice नहीं है. कोई भी financial decision लेने से पहले अपने financial advisor से सलाह लें और official source से latest information verify करें.