भारत में धीरे-धीरे सर्दियां शुरू हो गई हैं। कई क्षेत्रों में ठंडी हवाओं के साथ बर्फबारी भी होने लगी है और कई इलाकों में सुबह और शाम के वक्त ठंडी हवाएं चलने लगी हैं। अब धीरे-धीरे सर्दी का असर दिखने लगा है। जैसे ही सर्दी का मौसम शुरू होता है इसका असर सभी पर पड़ना शुरू हो जाता है। फिर चाहे वह इंसान का शरीर हो, जानवर हो या पेड़-पौधे, कोई भी सर्दी के प्रकोप से बच नहीं पाते।
यदि मनुष्य की बात की जाए तो सर्दी का सबसे ज्यादा असर मनुष्य की त्वचा और उसके शरीर पर होता है। इसका कारण यह हो सकता है कि सर्दियों में ठंडी हवा और शुष्क मौसम के कारण बाहर की त्वचा यानी की हाथ और चेहरे फटने लगते हैं तथा कभी-कभी इन क्रैक्स से खून भी आने लगता है। गर्मियों में हम कम भोजन करते हैं तथा अधिक कार्य करते हैं परंतु सर्दियों में भूख अधिक लगती है और शरीर द्वारा मेहनत भी कम की जाती है इसीलिए इस मौसम में व्यक्ति जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। सर्दियों में कई बीमारियां होने लगती हैं जैसे त्वचा संबंधी परेशानियां, सर्दी, जुखाम, बुखार आदि तथा शरीर आलसी भी हो जाता है।
इस लेख के माध्यम से हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि आपको सर्दियों में किस प्रकार से अपने शरीर का ध्यान रखना चाहिए तथा कैसे अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।
खाने को दें विशेष महत्व
सर्दियों में कई तरह की बीमारियां शरीर को चारों तरफ से जकड़ लेती है इसका सबसे मुख्य कारण है मनुष्य का गलत खानपान। इसीलिए एक अच्छी डाइट का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। ख्याल रखें कि आपकी डाइट भरपूर हो तथा संतुलित हो। संतुलित भोजन करने से शरीर स्वस्थ रहता है तब बीमारियां भी कम होती हैं। साबुत अनाज और दलिया का सेवन शरीर के लिए काफी लाभदायक सिद्ध होता है। यह वजन कम करने के साथ-साथ दिल की बीमारियों के खतरे को भी दूर करती है। कहते हैं सर्दियों के मौसम में सब्जी और फल खूब खाने चाहिए इससे शरीर स्वस्थ रहता है और बीमारियां कम होती है।
पानी पियें भरपूर
अक्सर सर्दियों में पानी कम पीने की इच्छा होती है जिससे शरीर में गर्मी होने लगती है और अनेक बीमारियां उत्पन्न हो जाती है इसलिए सर्दियों के मौसम में आवश्यकतानुसार पानी पीना चाहिए। फिर चाहे यह पानी साधारण पानी हो या जूस के रूप में हो या दाल और सब्जी के रूप में। आप चाहे तो हर्बल टी भी पी सकते हैं। यह सर्दियों में शरीर के लिए बहुत ही अच्छी मानी जाती है। इससे कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड का स्तर निम्न हो जाता है जिससे बीमारियों का खतरा कम होता है।
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नमक का करें कम प्रयोग
सर्दियों में नमक का इस्तेमाल जितना हो सके कम करना चाहिए क्योंकि नमक के अधिक इस्तेमाल से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इससे रक्तचाप भी बढ़ता है। जिससे शरीर में अन्य भी कई बीमारियां होने लगती है इसीलिए इस मौसम में ब्लड शुगर लेवल तथा कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए अपने खाने में नमक का सेवन कम करें।
व्यायाम है जरूरी
कई लोग सुबह-सुबह ठंड लगने की वजह से व्यायाम नहीं कर पाते परंतु यदि आपको फिट रहना है तो इसके लिए व्यायाम अत्यंत आवश्यक है। इससे वजन नियंत्रित होता है तथा आलस्य कम होने के साथ-साथ शरीर में एक्टिवनेस बनी रहती है। व्यायाम करने के साथ-साथ आपको लंबी वॉक पर भी जाना चाहिए। यदि व्यायाम ना भी हो तो भी वॉक करने से बॉडी में गर्मी पैदा होती है तथा खून का संचरण तेजी से होता है। इससे शरीर स्वस्थ रहता है।





